Saturday, November 23, 2013

तलाश

दिन चढ़ते ही भाग रहा हूँ
दिन ढलने तक भाग रहा हूँ
क्या खुद की तलाश है
या खुद से ही भाग रहा हूँ...

Sunday, October 27, 2013

ज़िंदगी

उम्र के इस सफ़र में लाखों लम्हे आते हैं,
चले जाते हैं…
कुछ लम्हे रूह में उतर जाते हैं,
और वहीं आशियाँ बना लेते हैं...
बस उन्हीं लम्हों को शायद ज़िंदगी कहते हैं !!!