Sunday, October 27, 2013

ज़िंदगी

उम्र के इस सफ़र में लाखों लम्हे आते हैं,
चले जाते हैं…
कुछ लम्हे रूह में उतर जाते हैं,
और वहीं आशियाँ बना लेते हैं...
बस उन्हीं लम्हों को शायद ज़िंदगी कहते हैं !!!

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