कभी कई सदियाँ एक पल में सिमट जाती हैं और कभी एक पल ही सदी बन जाता है.....
बस ऐसे ही कुछ पलों की तलाश में चल पड़ा है ये फ़क़ीर मन.....
देखें कहाँ तक ले जाती है ये तलाश.......चल चला चल........फ़क़ीरा चल चला चल...
Saturday, November 23, 2013
तलाश
दिन चढ़ते ही भाग रहा हूँ दिन ढलने तक भाग रहा हूँ क्या खुद की तलाश है या खुद से ही भाग रहा हूँ...
No comments:
Post a Comment