Sunday, November 2, 2014

ये होता तो क्या होता, वो होता तो क्या होता


वक़्त बदला, दिन रात बदले
चेहरे बदले और हाथ बदले..

रिश्ते बदले, जज़्बात बदले
इंसान बदला, हालात बदले..

साँस लेने की तो फ़ुर्सत नहीं
बीते पलों की याद को,
कौन अपनी याददाश्त बदले..

बहुत कुछ करने की क़सक
आज भी जवां है दिल में ,
गर अपनी भी औकात बदले....

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